क्या होता है रूमेटाइड गठिया, ठंड के मौसम में कैसे करे बचाव

गोरखपुर: गठिया रोग जिसे अर्थराइटिस के नाम से भी जाना जाता है, यह बुजुर्गो में होने वाली आम बीमारी है लेकिन यह जान कर हैरानी होगी कि अब युवाओं में भी यह बीमारी हो रही हैं जिसमे 25 से 30 वर्ष के युवा शामिल हैं। यह ऐसा बीमारी है जिसका 100 से भी ज्यादा प्रकार होता है।

गठिया रोग में जोड़ों में सूजन आ जाती है जिसके कारण दर्द और जकड़न भी होता है जो उम्र के साथ बढ़ सकता है।किंग जॉर्ज मेडिकल कालेज के अस्थिरोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर धर्मेद्र कुमार का कहना है कि आर्थराइटिस गंभीर बीमारी है. इस समय देश की पूरी जनसंख्या में से करीब 15 प्रतिशत लोग गठिया की चपेट में ,भारत में लगभग 18 करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ” यह बीमारी अब युवाओं को भी अपने चपेट में ले रही है. डॉ o धर्मेंद्र का यह भी कहना है कि उनके यहाँ ओपीडी में 25-30 साल के मरीज भी आते हैं. आज कल युवाओं में रूमेटाइड गठिया की शिकायत हो रही है।क्या होता है रूमेटाइड गठियाआइये जानते हैं कि रूमेटाइड गठिया क्या होता है।

रूमेटोइड गठिया :एक ऐसी स्थिति है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली उपास्थि पर हमला करती है। यह अकड़न, जोड़ों के दर्द, नींद न आना, हाथों और पैरों में झनझनाहट, सुन्नता और जोड़ों की विकृतियों को बढ़ाती है। इस प्रकार की गठिया सबसे ज्यादा युवाओं में देखने को मिल रही है।

गठिया के क्या कारण है
इस रोग का मुख्य कारण उपास्थि ऊतक जो हड्डियों को एक-दूसरे से जोड़े रखता है उसका टूटना-फूटना भी एक कारण है, उपास्थि यह हमारे कंकाल तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है क्योंकि यह मांसपेशियों के ग्लाइडिंग (फिसलने) में सहायता करता है जिससे शरीर की गतिविधियों में मदद मिलती है। (कॉर्टेज) उपास्थि की कमी होने के कारण विभिन्न प्रकार की गठिया हो सकती हैं।

इसके अलावा गठिया के कुछ अन्य कारण भी शामिल हैं- जैसे

चोट लगना

प्रतिरक्षा प्रणाली की असामान्य कार्यप्रणाली के कारण रूमेटोइड गठिया बन सकती है

वंशानुगत ऑस्टियोआर्थराइटिस भी गठिया को प्रेरित कर सकती है,संक्रमण,सर्जरी,धूम्रपान,अधिक शारीरिक कार्यकलाप

गठिया का उपचार कैसे सम्भव है

इस विकार और उसके उपचार के बारे में जागरूकता बनाए रखते हुए, व्यायाम या योग के लिए समय निकालना और स्वस्थ वजन को बनाए रखनाअत्यन्त महत्वपूर्ण है।
गठिया का उपचार दर्द को नियंत्रित करने और जोड़ो की चोट को कम करने पर निर्भर है। गठिया का इलाज करने वाले डॉक्टर हमेशा रोगी को फिजियोथेरेपी के लिए जाने का सुझाव देते हैं, क्योंकि थेरेपी ही है जो कुछ हद तक गठिया के लक्षणों को संभाल सकती है।

इसके अलावा हीटिंग पैड और आईस पैक भी जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द को ठीक करने के लिए एक आदर्श उपचार होते हैं।

संचलन सहायता उपकरण: यदि गठिया रोगी को चलने में कठिनाई हो रही है तो मरीज केन का उपयोग कर सकता है

फिजियोथेरेपी: गठिया के कुछ मामलों में फिजियोथेरेपी बेहद सहायक है। यह दर्द को कम करता है और रोगियों को राहत प्रदान करता है।

डॉक्टर कभी कभीसर्जरी,व्यायाम,सुईमिंग और वाटर एरोबिक्स भी रिकमेंड करते हैं यह उपचार जोड़ों पर दबाव कम करने में मदद करती हैं।