शहर में ताबड़तोड़ चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था यह गैंग, ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे…

गोरखपुर: शाहपुर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने शहर में ताबड़तोड़ हो रही चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक बड़े गैंग का पर्दाफाश करने का दावा किया है। एक सराफा कारोबारी सहित पुलिस ने इस गैंग के पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, पुलिस एक अन्य सर्राफा कारोबारी की तलाश में जुटी है। पकड़े गए गैंग के सदस्यों के पास से पुलिस ने दो बाइक, दो मोबाइल फोन और भारी मात्रा मेंं चोरी के जेवरात बरामद किया है।

 

इतनी वारदातों का हुआ खुलासा


पुलिस का दावा है कि इनके पकड़े जाने से थाने में दर्ज चोरी के छह मामलों का पर्दाफाश हुआ है। जानकारी के अनुसार शाहपुर थानेदार संतोष कुमार के नेतृत्व में चौकी इंचार्ज पादरी बाजार दीपक कुमार सिंह, और चौकी इंचार्ज-असुरन पुरुषोत्तम आनंद सिंह अपने हमराहियों के साथ कई दिनों से अपराधियों की तलाश में जुटे थे। इस बीच सोमवार को मुखबिर की सूचना पर जेल रोड के पास से पुलिस ने इस गैंग के पांच लोगों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

 

पकड़े गए आरोपितों की पहचान कुशीनगर के मुंडेरा बाबू थाना अहिरौली बाजार निवासी संदीप सिंह, हरपुर बुदहट के कटसहरा निवासी सहबाज, शाहपुर के मोहनापुर निवासी प्रशांत साहनी उर्फ प्रेम, गुलरिहा के सेमरा नंबर दो निवासी रवि कुमार और कुशीनगर के कसया मल्लूडीह निवासी अरविंद वर्मा के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार अरविंद वर्मा सराफा कारोबारी है। वह वर्तमान में राजघाट के घंटाघर में रहता है। वहीं संदीप गिरोह का सरगना है। संदीप व उसके गिरोह के लोग चोरी के आभूषण को अरविंद वर्मा को देते थे। अरविंद उस आभूषण को गला देता था और नया आभूषण बना देता था।

अरविंद ने पुलिस को बताया कि चोरी के आभूषण को गलाकर बनाए हुुए नए आभूषण को वह बीते 20 मार्च से 22 मार्च के बीच आरसी टंचवाले सर्राफ घंटाघर के गोपी गली गहना मार्केट के बलराम जायसवाल को बेच देता था। पुलिस के मुताबिक बलराम का भी नाम फर्द में शामिल किया गया है। जांच के बाद उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं सर्राफ अरविंद को चोरी के समान खरीदने व बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

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