मरीजों के लिए फरिश्ता बनें गोरखपुर के ये आईएएस अधिकारी, ऑक्सीजन पहुंचाकर बचाई 20 लोगों की जान

गोरखपुर: गोरखपुर के शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के कोविड 19 वार्ड में अचानक आक्सीजन खत्म हो गई। सूचना मिलने के 20 मिनट के भीतर संयुक्त मजिस्ट्रेट कुलदीप मीना ने 20 आक्सीजन गैस सिलेंडर उपलब्ध करा कर मरीजों की टूटती सांसों की डोर को थाम लिया।

इसके साथ ही मरीजों के साथ आए परिजनों और अस्पताल के बाहर खड़ी भर्ती मरीजों के रिश्तेदारों ने भी राहत की सांस ली।

शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित करूणा पति त्रिपाठी भर्ती है। लखनऊ में बेड नहीं मिला तो वे गोरखपुर अपने पुत्र के पास उपचार के लिए चले आए। किसी तरह अस्पताल में उन्हें बेड मिला।

सोमवार की रात 8.30 बजे स्टाफ ने भर्ती मरीजों के परिजनों से बताया कि आक्सीजन खत्म होने वाला है, आक्सीजन ले आइए अन्यथा मरीज ले जाइए। डॉक्टर मरीजों के सामने नहीं आए। करुणा पति त्रिपाठी के परिजन ने इसकी जानकारी संयुक्त मजिस्ट्रेट कुलदीप मीना को दी।

तत्परता से की मदद

8.48 पर कुलदीप को सूचना मिली और उन्होंने सवा 9 बजे आक्सीजन सिलेंडर लेकर पहुंच गए। संयुक्त मजिस्ट्रेट और तहसीलदार सदर डॉ संजीव दीक्षित की तत्परता से 9.14 बजे 20 आक्सीजन सिलेंडर शाही ग्लोबल हॉस्पिटल पहुंच गया।

उसके बाद मरीज और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। चंद रोज पूर्व इसी अस्पताल में आक्सीजन की कमी से 5 मरीजों की मौत हो गई थी। यही वजह था कि यहां भर्ती मरीज और परिजन ज्यादा ही परेशान थे।