मर्चेंट नेवी के छात्र की संदिग्ध हालत में मौत, फंदे से लटकती मिली लाश, घरवालों ने लगाया हत्या का आरोप

गोरखपुर: कैंट इलाके के इंजीनियरिंग कॉलेज चौकी क्षेत्र के भैरोपुर ​स्थित वीरवहादुर पुरम कॉलोनी में एक मकान के अंदर मर्चेंट नेवी के छात्र दुर्गेश गुप्ता (25) की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। उसकी लाश कमरे में तार पर ​पंखे से लटकी हुई मिली है। जबकि घुटना फर्श को छू रहा था। सूचना पर एसएसपी विपिन टांडा, सीओ कैंट श्यामदेव बिंद, कैंट इंस्पेक्टर सुधीर सिंह, चौकी इंचार्ज इंजीनियरिंग कॉलेज अमित कुमार चौधरी फोरेंसिक टीम के साथ पहुंच गए और जांच पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर छात्र के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद स्थित स्पष्ट होगी।

दोस्तों संग मकान में हुई थी पार्टी
कोतवाली के मियां बाजार निवासी रजनी मिश्रा का वीरबहादुर पुरम कॉलोनी में मकान है। मकान में कोई रहता नहीं है, कभी कभार उनका बेटा एस मिश्रा (26) व उसके दोस्त वहां आते रहते हैं। गुरूवार की शाम करीब 7 बजे रजनी का बेटा एस मिश्रा अपने दोस्तों अमृत (26) और राजघाट के गीताप्रेस स्थित गुड़ियान टोला निवासीर दुर्गेश गुप्ता के साथ वहां आया था। रात में उक्त मकान में दावत चला। सुबह दोस्तों ने डॉयल 112 पर दुर्गेश के आत्महत्या करने की सूचना पुलिस को दी। पुलिस पहुंची तो दुर्गेश का शव पंखे के सहारे तार के फंदे से लटका था और घुटना फर्श से लगा था। परिजनों के अनुसार दुर्गेश बैठने की स्थित में था।

गले में लिपटा था तार
सूचना पर अधिकारी पुलिस व फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और दुर्गेश के पिता गोविंद गुप्ता व मकान मालिक रजनी मिश्रा को सूचना देकर बुलाया। पुलिस ने पिलास से तार काटकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के अनुसार रात में वहां दावत हुई थी और बिरयानी बना था। कुछ जूठीं प्लेटें भी पड़ी थीं और दुर्गेश के गले में तार लिपटा था। पिता गोविंद का कहना है कि उनके बेटे ने फांसी नहीं लगाई है बल्कि तार से कसकर उसकी हत्या की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पिता का कहना है वह घर से यहां इतनी दूर आकर आत्महत्या क्यों करेगा।

15 नवंबर को नौकरी करने दुबई जाने वाला था दुर्गेश
पिता गोविंद ने बताया कि दुर्गेश पढ़ने में बहुत ही होनहार था। उसने चेन्नई के तमिलनाडु स्थित मेरीडायन एकेडमी से मर्चेंट नेवी का कोर्स किया था और बस्ती के कैप्टन सौरभा शुक्ला के माध्यम से वह नौकरी करने के लिए आगामी 15 नवंबर को दुबई जाने वाला था। बीजा व पासपोर्ट तैयार हो चुका था।

इकलौता बेटा था दुर्गेश
अमृत कुशीनगर जनपद के तमकुहीराज के चकनी खास का निवासी हैं। जो वकालत की पढ़ाई करता है। उसकी बहन ऋतिका गुप्ता बीएससी कर रही है। उसके पिता गोविंद की फूल बेचने की दुकान है।

कुशीनगर का है दोस्त अमृत
दुर्गेश के साथ उस मकान पर दावत में गया उसका मित्र अमृत मूल रूप से कुशीनगर के तमकुहीराज के चकनी खास गांव का रहने वाला है। वह एलएलबी कर रहा है। वहीं मकान मालिक रजनी का बेटा एस मिश्रा बीकाम करने के बाद वर्तमान में तैयारी कर रहा है।

मीडिया पर पुलिस का पहरा
जिस समय पुलिस मौके पर पहुंची थी उसी समय स्थानीय कुछ मीडियाकर्मी समाचार संकलन के लिए पहुंच गए। लेकिन पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। उधर पुलिस अभी मामले में कुछ नहीं बोल रही है। उसका पूरा जोर आत्महत्या की ओर है।

भैरोपुर में पुलिस पिकेट की मांग
घटना के बाद पहुंची पुलिस से स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां अराजक तत्वों का जमावड़ा होता है। पुलिस चौकी भी दूर है। लिहाजा यहां भैरोपुर चौराहे पर पुलिस की एक पिकेट स्थाई रूप से होनी चाहिए। जिसपर कैंट इंस्पेक्टर ने उन्हें पुलिस पिकेट स्थापित करने का आश्वासन दिया है। इंस्पेक्टर कैंट सुधीर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला लग रहा है, जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौत कैसे हुई है। रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।