सहाना सुसाइड केस: गोरखपुर में फिर जेल गया एक और दरोगा, 17 दिन में जेल गए 7 पुलिस वालों को हुई जेल

गोरखपुर: जिला अस्पताल की संविदाकर्मी सहाना उर्फ सुहानी की संदिग्ध हाल में मौत के मामले में आरोपित बनाए गए LIU में तैनात दरोगा राजेन्द्र सिंह को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। दरोगा राजेन्द्र सिंह पर महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में केस दर्ज किया है। हालांकि परिवार वालों ने हत्या में केस दर्ज कराने की मांग की थी। परिवार वालों इस मामले में सोमवार को एसएसपी डा. विपिन टाडा से भी मिले थे। उन्होंने आरोपित को सख्त सजा दिलाने का परिवार को भरोसा दिया था।

फंदे से लटकती मिली थी लाश
बेलीपार के भीटी गांव की रहने वाली सहाना कोतवाली इलाके में बक्शीपुर में किराए पर कमरा लेकर रहती थी। वह जिला अस्पताल में संविदाकर्मी थी। 15 अक्टूबर की सुबह किराये के कमरे में फंदे से लटकती उसकी लाश मिली थी। शव घुटनों के बल मुड़ा हुआ था। सहाना का 10 महीने का बेटा मां को पकड़कर रो रहा था। बगल के कमरे में मौजूद दरोगा राजेन्द्र सिंह ने मकान मालिक व अन्य को सूचना दी।

सहाना जिला अस्पताल में सविंदाकर्मी थी और सात महीने से उसका वेतन नहीं मिला था लिहाजा आर्थिक तंगी से खुदकुशी का मामला बताकर अन्य कर्मचारियों ने जिला अस्पताल पर प्रदर्शन करना शुरू किया था। पुलिस ने जब शव का पीएम कराया तो पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह भी हैंगिंग आई थी। उसके बाद से खुदकुशी की तरफ पूरी घटना मुड़ने लगी थी। पर सहाना की मां-बहन और भाई इसे हत्या बताते हुए दरोगा राजेन्द्र सिंह पर ही आरोप लगा रहे थे।

15 अक्टूबर को ही हिरासत में लिए गए थे दरोगा
गोरखपुर LIU में तैनात बलिया जिले के रहने वाले दरोगा राजेन्द्र सिंह को कोतवाली पुलिस ने 15 अक्टूबर को ही हिरासत में लिया था हालांकि केस दर्ज करने को लेकर कोतवाली पुलिस और अफसरों के बीच 60 घंटे तक माथा-पच्ची चलती रही। दो दिन तक तो तहरीर न मिलने का पुलिसवालों ने हवाला दिया। रविवार को पूरे दिन सहाना की मां-बहन और भाई और रिश्तेदारों को कोतवाली थाने में पुलिस अफसरों के साथ ही LIU के अफसर समझाते रहे।

तहरीर लिखी जाती रही और फाड़ी जाती रही। रविवार की देर शाम कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज होने की जानकारी दी। कोतवाल कल्याण सिंह सागर ने बताया कि शहाना की मां की तहरीर पर आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज कर आरोपित दरोगा को गिरफतार किया गया है। सोमवार को दरोगा को कोर्ट ले जाया गया जहां उन्हें जेल भेज दिया गया।

जेएन एंड कंपनी से अलग बैरक में रखे गए दरोगा राजेंद्र
हालांकि जेल में दरोगा राजेंद्र यादव को मनीष हत्याकांड के आरोपित पुलिस वालों से अलग रखा गया है। राजेंद्र यादव को मिलेनियम बैरक में रखा गया है। जबकि मनीष हत्याकांड के आरोपित 6 पुलिस वालों को नेहरू बैरक में रखा गया है। वहीं, इस महीने अब तक 17 दिनों में 7 पुलिस वालों के जेल जाने से पुलिस की छवि पर भी काफी बुरा असर पड़ा है। इसका खामियाजा जिले में तैनात अन्य पुलिसकर्मियों को भुगतना पड़ रहा है।