शरदीय नवरात्र: जानिए, इस बार किस वाहन पर सवार होकर होगा माँ दुर्गा का आगमन और क्या होगा इसका संकेत

देवीभाग्वत पुराण श्लोक शशि सूर्य गजरुढ़ा शनिभौमै तुरंगमे । गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता ॥

गोरखपुर: उपरोक्त  श्लोक में सप्ताह के सातों दिनों के अनुसार देवी के आगमन का अलग-अलग वाहन बताया गया है। 

मां दुर्गा का वाहन सिंह को माना जाता है। लेकिन प्रत्येक वर्ष नवरात्रि के समय दिन के अनुसार माता अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर धरती पर आती हैं।  देवीभाग्वत पुराण के अनुसार मां दुर्गा का आगमन आने वाले भविष्य की घटनाओं के बारे में संकेत देता है। देवीभाग्वत पुराण के अनुसार नवरात्र की शुरुआत सोमवार या रविवार को होने पर देवी दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। वहीं अगर शनिवार या मंगलवार को नवरात्र की शुरुआत होने पर मां घोड़े पर सवार होकर आती है। गुरुवार या शुक्रवार को नवरात्र आरंभ होने पर माता डोली पर आती हैं और बुधवार के दिन नवरात्र प्रारंभ होने पर मां नाव की सवारी कर धरती पर आती हैं।

माता जिस वाहन से पृथ्वी पर आती हैं उसके अनुसार वर्ष में होने वाली घटनाओं का भी अनुमान  लगाया जाता है। शरदीय नवरात्र का आरम्भशारदीय नवरात्र का आरंभ शनिवार के दिन हो रहा है। ऐसे में देवीभाग्वत पुराण के कहे श्लोक के अनुसार माता का वाहन अश्व यानि घोड़ा होगा। ऐसे में पड़ोसी देशों से युद्ध, छत्र भंग, आंधी-तूफान के साथ कुछ राज्यों में सत्ता में उथल-पुथल भी होने की संभावना है।

वैसे ही माता के विदाई की सवारी भी भविष्य में घटने वाली घटनाओं की ओर इशारा करता है। इस बार विजयादशमी सोमवार को है। सोमवार को विजयादशमी होने पर माता हाथी पर सवार होकर वापस कैलाश की ओर प्रस्थान करती हैं। माता की विदाई हाथी पर होने से आने वाले वर्ष में खूब वर्षा होने का अनुमान है।


रवि शंकर पाण्डेय, ज्योतिषि

अक्षय ज्योतिष संस्थान, निकट काली मंदिर, गोलघर गोरखपुर

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