गोरखपुर शहर के ब्लड बैंकों में पड़ने लगा सूखा, मरीजों के सामने खड़ी हुई खून की किल्लत

गोरखपुर: कोरोना संकट का असर सिर्फ दवा, बेड व आक्सीजन पर ही नहीं पड़ रहा है, बल्कि सीधा असर अब उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के ब्लड बैंकों पर भी साफ दिखने लगा है। जिले के सभी ब्लड बैंकों में आने वाले दिनों में अब खून के सूखे का संकट होने की आशंका है। वजह है, कोराना संक्रमण और कोविड वैक्सीनेशन।

वहीं दूसरी ओर, ब्लड बैंकों में कई ग्रुपों के ब्लड की अभी से कमी होने लगी है। इससे अस्पतालों में गंभीर मरीजों के सामने अब खून का संकट खड़ा हो गया है।

कोविड वैक्सीनेशन से हो सकती है और किल्लत

दरअसल, इस समय 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग का कोविड वैक्सीनेशन भी चल रहा है और इसके चलते आशंका है कि आने वाले 90 दिन तक जरूरतमंद मरीजों के सामने खून की कमी की परेशानी होने जा रही है।

कोविड वैक्सीनेशन की पहली और दूसरी डोज के बीच में 4 से 8 सप्ताह का अंतराल होना जरूरी है। कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी डोज तो 6 से 8 सप्ताह में लगाई जा रही है। दूसरी डोज लगने के बाद 4 सप्ताह बाद ही कोई व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।

जबकि, पॉजीटिव से निगेटिव हुए मरीज भी यूं तो 28 दिन ब्लड डोेनेट नहीं कर सकते, लेकिन निगेटिव होने के बाद कमजोरी की वजह से वह ब्लड डोनेट करने लायक भी नहीं रह रहे हैं।

दूसरी ओर, कोरोना संकट की वजह से बीते तीन महीनों से शहर में एक भी रक्तदान शिविर या ब्लड बैंकों में जाकर ब्लड दान करने का भी सिलसिला पूरी तरह बंद हो गया है। ऐसे में जिले के ब्लड बैंकों के सामने संकट खड़ा होता नजर आ रहा है। वहीं, ब्लड बैंक भी आने वाले दिनों में खून की कमी के भारी संकट खड़े होने के संकेत दिए हैं।

 

डोनर की कमी से जूझ रहे ब्लड बैंक

गोरक्षनाथ हॉस्पिटल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अवधेश अग्रवाल ने बताया कि इस समय हर किसी से निवेदन है कि बिना डोनर के ब्लड लेने ना आए। क्योंकि ब्लड बैंक डोनर की कमी से लगातार जूझ रहा है। सभी ब्लड बैंक बंदी के कगार पर हैं। उन्होंने सबसे अपील भी की कि लोग खुद से रक्त दान करें। ताकि बीमार या मौत से जूझ रहे की जान बचाई जा सके और सबका काम चलता रहे। उन्होंने बताया कि पहले कैंप और कई आयोजन कराकर ब्लड एकत्रित हो जाता था। इधर कोरोना की वजह से वो भी बंद है। रेयर ब्लड ग्रुप निगेटिव मिलना तो अब काफी मुश्किल होता जा रहा है।

 

निगेटिव व रेयर ग्रुप के ब्लड की किल्लत

गोरखपुर जिला अस्पताल जहां पर रोजाना हजारों लोग इलाज के लिए आते हैं। यहां ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. एसके यादव ने बताया कि हमारे यहां निगेटिव ब्लड ग्रुप इस समय नहीं है। बाकी सारे ग्रुप के ब्लड मौजूद है। पहले महीने में तीन से चार बार कैंप लगाए जाते थे। लेकिन इधर दो महीने से कोई कैंप नहीं लगाए गए। जो ब्लड पहले से यहां मौजूद था उसी से काम चल रहा है। इस तरह आने वाले दिनों में ब्लड की किल्लत हो सकती है।

कुछ लोगों से ब्लड डोनेट के लिए बात चल रही थी लेकिन उन लोगों ने भी कोरोना की वजह से 10 से 15 दिन बाद की डेट दे रहे हैं। कोशिश चल रही है कि  ब्लड बैंक ड्राई ना होने पाए।

 

कैसे भी करना होगा ब्लड का इंतजाम

वहीं, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. राजेश राय ने बताया कि ब्लड खत्म होता जा रहा है। इसका इंतजाम भी करना होगा। जब कोई ब्लड नहीं देगा तो आखिर इसकी जरूरत कैसे पूरी की जाएगी। कोरोना को छोड़ दिया जाए तो ऑपरेशन, कैंसर समेत अन्य बीमारियों के पेशेंट को ब्लड की जरूरत पड़ रही है। इस समय ना तो कोई खुद से रक्त दान करने आ रहा है ना ही कहीं पर कैंप ही लगाया जा रहा है। एक ब्लड ग्रुप जिसे कलेक्ट किया जाता है वो उस दिन से 42 दिन वैलिड रहता है।

इस हाल में एक ही ऑप्शन है कि जो भी ब्लड लेने आए उससे बिना डोनेट किए ब्लड नहीं दिया जाए। जबकि, इमरजेंसी में ये नहीं देखा जाता है। वहां पर जान बचाना प्राथमिकता होती है।

पूर्वांचल से आते हैं थैलेसिमिया के मरीज

प्रभारी डॉ. राजेश राय ने बताया कि पूर्वांचल के देवरिया, पड़रौना, संतकबीर नगर, पुर्णिया, सिवान, बस्ती, सिद्धार्थनगर, मऊ और गोरखपुर से थैलेसिमिया के पेशेंट बीआरडी मेडिकल ही आते हैं। यहीं का ब्लड लेते हैं। 60 से 70 यूनिट ब्लड केवल उनके ऊपर ही खर्च हो जाता है। उनको बिना डोनर के भी देना पड़ता है। इसमें छोटे बच्चे को एक यूनिट, उससे बड़े को दो यूनिट और बड़े को तीन यूनिट ब्लड देना पड़ता है। सरकार ने भी इन्हेंं बिना डोनर के ब्लड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैंं।

 

इन्हें पड़ती है रोजाना ब्लड की जरूरत

  • बीआरडी में थैलेसिमिया के मरीज पर होता है खर्च 60-70 यूनिट ब्लड
  • कैंसर के मरीजों को दिया जाता है ब्लड
  • एचआईवी ग्रसित मरीजों को दिया जाता है ब्लड
  • हादसे में घायलों को तत्काल दिया जाता है ब्लड
  • कोरोना की वजह से  3-3 महीनों से नहीं लगा ब्लड डोनेट कैंप
  • नहीं किया ब्लड कलेक्ट तो आगे बैंक हो जाएंगे ड्राई

गोरखपुर के ब्लड बैंकों की मौजूदा स्थिति

  • बीआरडी मेडिकल कॉलेज

ब्लड ग्रुप  पॉजिटिव   निगेटिव

A         30      15

B         40      15

AB        35      15

O         35      15

 

  • जिला अस्पताल

ब्लड ग्रुप   पॉजिटिव   निगेटिव

A         5        0

B         7        0

AB        5        0

O         8        0

 

  • गोरक्षनाथ हॉस्पिटल

ब्लड ग्रुप   पॉजिटिव    निगेटिव

A         120       15

B         268       10

AB         64       10

O         254       10