संक्रमण की रफ्तार तेज होते ही फिर आया नौकरी पर संकट? जानें क्यों बढ़ रही है बेरोजगारी दर

नई दिल्ली: देश में कोरोना संक्रमण की आई दूसरी लहर ने एक बार फिर से लोगों के माथे पर नौकरी को लेकर चिंता की लकीरें उभरने लगी हैं. देश कई हिस्सों में लॉकडाउन, वीकेंड लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू लग चुके हैं. इसकी वजह से मार्केट में एक बार फिर से जॉब को लेकर टेंशन बढ़ने लगी है. देश में पिछले कुछ में कोरोना संक्रमण के मामले ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और अब एक दिन डेढ़ लाख से अधिक मामले सामने आ रहे हैं. एक निजी रिसर्च फर्म ने अपने आंकड़ों में नौकरी को लेकर मार्केट बढ रही चिंता के बारे में जानकारी दी है.

11 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में भारत में बेरोजगारी दर 8.6 फीसदी पहुंच गई. इससे दो हफ्ते पहले के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह 6.7 प्रतिशत था. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी के आंकड़ों ने बरोजगारी दर पर यह जानकारी दी है.

 

अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा कोरोना का गहरा असर

शहरी इलाके में कोरोना संक्रमण का प्रभाव अधिक देखने को मिल रहा है. इसकी वजह से गांवों से शहर आए प्रवासी मजदूर पिछले साल की तरह एक बार फिर से वापस अपने घर लौटने लगे हैं.

आशंका जताई जा रही है कि एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पर कोरोना संकट का गहरा असर पड़ सकता है, जिससे लोगों के काम-धंधे प्रभावित होंगे.

 

मुंबई बुरी तरह प्रभावित

भारत अब कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों में ब्राजील को पीछे छोड़कर दूसरे नंबर पर काबिज हो चुका है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई कोरोना संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित है.

वहीं, महाराष्ट्र कोरोना संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित राज्य है. कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र में पूरी तरह से लॉकडाउन लगाया जा सकता है. फिलहाल वहा नाइट कर्फ्यू और वीकेंड लॉकडाउन जारी है.

 

भारत के लिए संकट का समय

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर यह कोरोना संकट लंबे समय तक चला तो देश के कई शहरों में नाइट कर्फ्यू लागू हो जाएगा.

इसकी वजह से दोबारा रिवर्स माइग्रेशन शुरू हो सकता है. कोरोना वायरस संकट भारत के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा कर रहा है. पिछले महीने की तुलना में जॉब मार्केट पर इसका साफ असर देखा दिखने लगा है.

 

देश में कोरोना की स्थिति चिंताजनक

सोमवार को आए नए आकंड़ों के मुताबिक, एक दिन में 1,68,912 नए मामले दर्ज किए गए. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में एक्टिव केस 12 लाख के पार चला गया, जो देश के कुल पॉजिटिव मामलों का 8.88 फीसदी है.