पंचायत चुनाव का शपथ ग्रहण: गोरखपुर में 860 पंचायतों के प्रधानों ने ली ऑनलाइन शपथ, 6 चुनाव जीत कर भी हार गए जिंदगी की जंग

गोरखपुर: जिले में मंगलवार को जिले के 1294 पंचायतों में से 860 पंचायतों के प्रधानों ने ऑनलाइन शपथ लिया। जबकि 861 ग्रामप्रधानों को शपथ लेनी थी, लेकिन इनमें एक कोविड पॉजीटिव होने के कारण शपथ नहीं ले सका। लैपटॉप की मदद से आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में बीडीओ और तहसीलदार ने अलग-अलग ब्लाकों के इन नवनिर्वाचित प्रधानों को शपथ दिलाई।

429 पंचायतों में नहीं हुआ शपथ ग्रहण

निर्वाचित ग्राम पंचायत सदस्यों की संख्या दो तिहाई नहीं होने से जहां 429 पंचायतों के प्रधान जीत के बाद भी शपथ नहीं ले सके, वहीं छह पंचायतें ऐसी रहीं जहां प्रत्याशियों ने प्रधानी तो जीत ली मगर जिंदगी की जंग हर गए। जबकि एक कोविड पॉजीटिव होने की वजह से शपथ नहीं ले सके। इन सभी पंचायतों में भी शपथ नहीं हो सका। अब उप चुनाव होने के बाद ही इन पंचायतों का गठन हो सकेगा और प्रधान शपथ ले सकेंगे। तब तक पूर्व की ही तरह प्रशासक इन गांवों के विकास कार्य देखेंगे।

कोरोना से लड़ाई के साथ नवनिर्वाचित प्रधानों के कार्यकाल की शुरूआत होगी। अब सैनिटाइजेशन, सफाई और कोरोना पीड़ितों की देखभाल की जिम्मेदारी उन्हें उठानी पड़ेगी। पंचायतीराज विभाग सैनिटाइजेशन के लिए जरूरी संसाधन मुहैया कराएगा मगर प्रधानों को अपनी देख-रेख में ही गांवों को सैनिटाइज कराना होगा।

निगरानी समिति के अध्यक्ष भी होंगे प्रधान

यही नहीं निगरानी समिति के अध्यक्ष भी अब प्रधान ही होंगे। शासन की तरफ से शुरू की गई योजना के तहत निर्धन जरूरतमंदों को अंत्येष्टि के लिए पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद भी प्रधान दे सकेंगे। इसके अलावा यदि किसी संक्रमित के पास एक कमरे का ही घर होगा तो प्रधान उसके आइसोलेशन की भी व्यवस्था करा सकते हैं।

प्रधान बनाएंगे अपना डोंगल

शपथ ग्रहण के साथ ही प्रधान अपना डोंगल भी अब बना सकेंगे और विभाग उसे एक्टिव कर देगा। डोंगल एक्टिव होने के साथ ही पंचायत से प्रशासक का दायित्व समाप्त हो जाएगा और वित्तीय अधिकार प्रधान के पास आ जाएगा।

कल होगी ग्राम सभा की पहली बैठक

पंचायतों के गठन के बाद 27 मई को ग्राम सभा की पहली बैठक होगी। पहले से तैयार कार्ययोजना पर चर्चा होने के साथ ही ग्राम सभा यदि कोई नई योजना पर मोहर लगाती है तो उसे भी उसमें जोड़ा जाएगा।

डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि नवनिर्वाचित प्रधानों को शपथ दिला दी गई है। बाकी के 435 गांवों में उपचुनाव के बाद ही पंचायतों का गठन हो सकेगा। 27 को ग्राम सभा की पहली बैठक होगी। प्रधानों को अब सफाई और सैनिटाइजेशन के काम की निगरानी खुद भी करनी होगी। साथ ही वह निगरानी समिति के अध्यक्ष भी होंगे।

चुनाव जीत कर भी जिंदगी की जंग हार गए प्रधान

गोरखपुर जिले की छह ऐसी पंचायते हैं जहां के प्रत्याशियों ने प्रधानी तो जीत ली मगर जिंदगी की जंग हर गए। कोई कोरोना से चल बसा तो किसी की हत्या हो गई। भटहट ब्लाक के जंगल हरपुर के नवनिर्वाचित प्रधान भुआल यादव का निधन मतदान के दूसरे दिन ही हो गया था। जंगल कौड़िया ब्लाक के ग्राम पंचायत अहिरौली में ग्राम प्रधान चुनी गईं इंद्रा यादव का निधन मतगणना से पांच दिन पहले यानी 27 अप्रैल को हुआ। सरदारनगर ब्लाक की ग्राम पंचायत बरईपार की प्रधान गीता देवी का निधन मतगणना के चार दिन बाद। बड़हलगंज ब्लाक के ग्राम बेईली में प्रधान राजेश यादव की मौत मतगणना के बाद हुई तो जैतपुर गांव में प्रधान चुने गए पवन साहनी की मौत मतगणना के पहले ही। पिपरौली ब्लाक के ग्राम मिश्रवलिया में राघेवंद्र दुबे उर्फ गिलगिल दुबे को 14 अप्रैल की रात गोली लगी, 17 को इलाज के दौरान लखनऊ में उनका निधन हो गया मतगणना के बाद जीत गए।