यहां ऑक्सीजन हुआ लीक, 22 मरीजों की मौत, जानें किस वजह से हुआ हादसा

नासिक: महाराष्ट्र के नासिक में आज एक अस्पताल में ऑक्सीजन लीक होने से हड़कंप मच गया है. घटना नासिक के जाकिर हुसैन नगरपालिका अस्पताल की है, जहां एक टैंक से अचानक ऑक्सीजन लीक होने लगी. ऑक्सीजन के टैंकर से टंकी में रीफिल करते वक्त वॉल्व से लीकेज शुरू हुआ. टैंकर से सिलेंडर में रीफिल करते वक्त जब लिकेज शुरू हुआ तब टेक्निशियन मौजूद नहीं थे.

 

देखते ही देखते पूरे अस्पताल परिसर में धुआं फैल गया.  शुरुआत में लोगों को लगा कि कहीं आग लग गई है. लोगों ने फायर ब्रिगेड को इस संबंध में तुरंत कॉल किया. पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई है. जिलाधिकारी सूरज मांढरे ने पुष्टि की है कि घटना में 22 लोगों की मौत हुई है. इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे और पालिका आयुक्त कैलाश जाधव के बयान जारी कर कहा था कि घटना में 11 लोगों की दुखद मृत्यु की खबर आ रही है. इनके अलावा 30 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है.

 

घटनास्थल पर महापालिका की रेस्क्यू टीम पहुंच गई है. कोरोना काल में जब देश और महाराष्ट्र ऑक्सीजन की कमी के संकट से गुजर रहा है. अनेक कोरोना संक्रमितों की मौत समय पर ऑक्सीजन न मिलने की वजह से हो रही है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि टैंकर के वॉल्व्स में लिकेज होने से ऑक्सीजन परिसर में फैल गया.

 

‘लो प्रेशर के कारण गई लोगों की जान’

 

नासिक के कलेक्टर का कहना है कि अस्पताल में लगाई गई ऑक्सीजन की टंकी डैमेज हो गई थी. इस कारण सुबह प्रेशर नीचे आ गया. इस दौरान वेंटीलेटर पर मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिली, जिससे अब तक 22 लोगों की मौत हो गई है. वही टंकी दोबारा आधे घंटे बाद शुरू हुई और उसी से ऑक्सीजन सप्लाई हो रही है. लेकिन इस दौरान प्रेशर कम होने के कारण हादसा हुआ है. इस हादसे में कोई दोषी है इस पर कलेक्टर ने कहा कि वह अभी कुछ कह नहीं सकते.

 

स्वास्थ्य मंत्री ने कही ये बात

 

स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा, “157 मरीज एडमिट थे उनमें 67 क्रिटिकल थे, यानी जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत थी. वॉल्व में जो लीकेज हुआ उससे सप्लाई ड्रॉप हुई. 22 मृतकों में 11 पुरुष और 11 स्त्री हैं. 22 लोगों की मौत इसलिए हुई क्योंकि लीकेज के बाद वेंटिलेटर पर मरीजों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाया.

 

11 के मौत की ख़बर, 30 लोगों की हालत गंभीर

 

करीब 12.30 बजे नासिक के जाकिर हुसैन अस्पताल में स्थित ऑक्सीजन टैंक से ऑक्सीजन लिकेज की यह घटना हुई. अस्पताल में 150 में से 23 मरीज वेंटिलेटर पर थे. स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे और पालिका आयुक्त कैलाश जाधव के मुताबिक इनमें से 11 लोगों की दुखद मृत्यु की खबर आ रही है. इनके अलावा 30 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है.

वहीं पालिका आयुक्त कैलाश जाधव  ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर हत्या का केस दर्ज करवाया जाएगा.

 

फडणवीस बोले – आगे इस तरह की घटना न हो

ऑक्‍सीजन लीक मामले में पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, संपूर्ण जांच तो होती रहेगी. लेकिन आगे ऐसी घटना ना हो इसकी सावधानी रखी जाए. जिन परिवार के सदस्यों की मौत हुई है उनके दुख में हम सहभागी हैं.