Corona in Gorakhpur: अब गोरखपुर में भी होगी सीरो टेस्टिंग, कभी भी हुआ होगा कोरोना तो ब्लड टेस्ट चल जाएगा पता

गोरखपुर: बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन ने 11 जिलों में सीरो टेस्टिंग करने का निर्देश दिया है। इस टेस्टिंग से समुदाय में कोरोना संक्रमण का पता चलेगा। इससे कोरोना की रोकथाम में मदद मिलेगी। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने इसके पहले क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। हालांकि उसमें गोरखपुर-बस्ती मंडल के जिले नहीं थे। पूर्वी उत्तर प्रदेश के तीन जिलों- बलरामपुर, गोंडा व मऊ में अप्रैल में सीरो टेस्टिंग की गई थी, जिसमें 1.4 फीसद लोगों में एंटीबॉडी का पता चला था। आरएमआरसी ने दूसरे फेज की टेस्टिंग एक सप्ताह पहले शुरू कर दी है। शासन के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग गोरखपुर में इस टेस्टिंग की तैयारियों में जुट गया है।

बनेंगी दस टीमें, शामिल होंगे ये लोग
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन ने निर्देश दिया है कि सीरो सर्वे के लिए जिले में 10 टीमें बनेंगी। हर टीम में डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, एएनएम और आशा शामिल होंगी। हर टीम अपने क्षेत्र में छह-छह घरों के चार-चार क्लस्टर बनाएगी। हर घर से एक एक सदस्य चुना जाएगा। उसकी उम्र 18 से 59 साल के बीच होनी चाहिए।

सर्वे में आधी संख्‍या में शामिल रहेंगी महिलाएं
इस सर्वे में आधे पुरुष व आधी महिलाएं शामिल होंगी। इसमें उनकी सहमति भी आवश्यक है और उन्हें हिंदी व अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना चाहिए। इस सर्वे में चुने गए लोगों में एंटीबॉडी की जांच होगी। इसके लिए उनके ब्लड सैंपल लिए जाएंगे। जिले में 240 लोगों के ब्लड सैंपल लिए जाने हैं।

टीमों की गठन की प्रक्रिया शुरू
इस संबंध में प्रभारी सीएमओ डॉ. नंद कुमार का कहना है कि शासन के निर्देश का पूर्णतया पालन किया जाएगा। टीमों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही सर्वे शुरू हो जाएगा। इससे जिले में संक्रमण का सही पता चलेगा और उसकी रोकथाम के प्रभावी उपाय किए जाएंगे।

नब्‍बे फीसद लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं
उधर आरएमआरसी के वायरोलॉजिस्ट डॉ. अशोक पांडेय का कहना है कि 85 से 90 फीसद संक्रमितों में कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं। यह आंकड़ा उनका है जिनकी जांच हुई है। संभव है ऐसे संक्रमितों की संख्या ज्यादा हो। कोरोना शरीर के भीतर आया हो और चला गया हो। सीरो सर्वे से ऐसे लोगों का भी पता चल जाएगा।

क्या है सीरो सर्वे
इसमें किसी क्षेत्र से कुछ लोगों के ब्लड सैंपल लिए जाते हैं। ब्लड में मौजूद सीरम की जांच की जाती है। यदि कभी कोरोना हुआ होगा तो सीरम में एंटीबॉडी बन जाती है। सीरो टेस्ट से इसका पता चल जाता है।