अब जीरो बैलेंस अकाउंट है तो भी काट सकेंगे चेक, साथ में मिलेंगी ये सुविधाएं

अगर आपके पास जीरो बैलेंस अकाउंट है तो भी आप चेक काट सकेंगे. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने प्राथमिक खातों (बेसिक अकाउंट) के मामले में नियमों में छूट दी है. जिसके बाद अब ऐसे खाताधारकों को चेक बुक और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सकेंगी. बैंक इन सुविधाओं के लिये खाताधारकों को कोई न्यूनतम राशि रखने के लिए भी नहीं कह सकते हैं. बता दें कि जीरो-बैलंस अकाउंट्स वाले को भी एटीएम कार्ड या डेबिट कार्ड जारी किया जाता है, लेकिन उन्हें चेकबुक जारी नहीं किया जाता है.

क्या है BSBD अकाउंट

बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (बीएसबीडी) से आशय ऐसे खातों से है जिसे जीरो बैलेंस यानी शून्य राशि से खोला जा सकता है. इसमें कोई न्यूनतम राशि रखने की जरूरत नहीं होती है. इससे पहले रेग्युलर सेविंग्स अकाउंट जैसे खातों को ही अतिरिक्त सुविधाएं मिलती थीं. इन खातों में न्यूनतम राशि रखने की जरूरत होती है और अन्य शुल्क भी देने होते हैं. आरबीआई ने बैंकों से बचत खाते के रूप में बीएसबीडी खाते की सुविधा देने को कहा है.

बैंक न्यूनतम राशि रखने को नहीं कह सकते

रिजर्व बैंक ने कहा है कि बैंक न्यूनतम सुविधाओं के अलावा चेक बुक जारी करने समेत अतिरिक्त वैल्यू ऐडेड सर्विसेज देने के लिये स्वतंत्र हैं. केंद्रीय बैंक ने यह भी साफ किया है कि अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराने से ये खाते गैर-बीएसबीडी खाते नहीं हो जाएंगे. रिजर्व बैंक ने कहा कि अतिरिक्त सेवाओं की पेशकश को लेकर बैंक ग्राहकों से न्यूनतम राशि रखने को नहीं कहना चाहिए.

ATM से हर महीने 4 बार निकासी

बीएसबीडी खाता नियतों के तहत खाताधारकों को न्यूनतम राशि रखने की जरूरत नहीं है और उन्हें कुछ न्यूनतम सुविधाएं मुफ्त मिलती हैं. इन सुविधाओं में एटीएम से एक महीने में चार बार निकासी, बैंक शाखा में जमा तथा एटीएम कार्ड शामिल हैं. इन खातों में एक महीने में जमा राशि की संख्या और मूल्य पर कोई सीमा नहीं है. बीएसबीडी अकाउंट खुलवाने पर ग्राहकों को हर महीने निश्चित न्यूनतम राशि रखने की बाध्यता नहीं होती है.

अब बैंकों पर है निर्भर

आरबीआई ने बैंकों के लिए अपने जीरो बैलंस अकाउंट होल्डर्स को सेविंग्स अकाउंट होल्डर्स जितनी सुविधाएं देना अनिवार्य नहीं किया है, बल्कि उन्हें अनुमति दी है. यानी बैंक अगर चाहें तो नए नियम के तहत जीरो बैलंस वाले खाताधारकों को चेकबुक जैसी सुविधाएं दे सकते हैं. साथ ही, वह महीने में चार बार जमा और निकासी की सीमा खत्म कर सकते हैं और जीरो बैलंस अकाउंट वालों को भी जितनी बार चाहे पैसे जमा कराने या निकालने की अनुमति दे सकते हैं. लेकिन, इसके लिए कोई फीस नहीं लगाई जा सकती है.

कार्रवाई नहीं होगी


जो बैंक अपने जीरो बैलेंस वाले खाताधारकों को बचत खाता धारकों जैसी सुविधाएं अब भी नहीं देंगे, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी.

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