गोरखपुर में अब SSP नहीं, बैठेंगे पुलिस कमिश्नर: 11 पुलिस चौकियां बनेंगी थाना; हर 1 लाख की आबादी पर होगा एक थाना

गोरखपुर में भी जल्द पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होगा। यूपी के अन्य शहरों की तर्ज पर अब गोरखपुर में एसएसपी की जगह पुलिस कमिश्नर बैठेंगे। एडीजी रैंक के आईपीएस अधिकारी के हाथों में अब जिले की कमान होगी। इस दिशा में काम भी शुरू हो गया है। वहीं, आबादी के हिसाब से नए थाने को बढ़ाया जा रहा है।

इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार हो चुका है। जल्द ही इसे एडीजी शासन को भेज देंगे। माना जा रहा है कि सबकुछ ठीक रहा तो नए साल पर इस पर कार्यवाई आगे बढ़ जाएगी और मंजूरी मिल जाएगी। एडीजी जोन अखिल कुमार की पहल करते हुए कुछ माह पहले ही एसपी सिटी सोनम कुमार को खाका तैयार कर प्रस्ताव देने के निर्देश दिए थे।

शहरी इलाके में होंगे 23 थाने
शहरी इलाके में ही करीब 23 थाने होंगे। जबकि पूरे जिले में थानों की संख्या 46 के करीब हो जाएगी। फिलहाल जिले में 29 पुलिस थाने हैं। सर्किल अफसरों को आबादी के हिसाब से थाने की गुंजाइश तलाशने का जिम्मा मिला है। उन्होंने इसका सर्वे कराने के बाद एसपी सिटी को प्रस्ताव दे दिया है। एसपी सिटी ने प्रस्ताव तैयार कर एडीजी ऑफिस को सौंप दिया है।

एक लाख की आबादी पर होगा एक थाना
कितनी आबादी के कितने पुलिसकर्मी होने चाहिए और थाने का क्या स्वरूप होना चाहिए यह तय हो गया है। इसे ध्यान में रखते हुए इस पर काम चल रहा है। क्योंकि बिना इसके पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू नहीं हो पाएगी। अब एक लाख की आबादी पर थाना बनाया जा रहा है। ऐसे में शहर में कई ऐसे थाने में जिनकी आबादी दो लाख से ज्यादा की है। वहीं शहर का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। यही वजह है कि दो-तीन थानों के बीच के इलाके की पहचान करते हुए पुलिस चौकी को थाना बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

जिले की ये चौकी बन सकती हैं थाना
जिले की मजनू, सरहरी, भटहट, पादरी बाजार, इंजीनियरिंग कालेज, मेडिकल कालेज, फर्टिलाइजर, सोनबरसा, मछलीगांव, कौड़ीराम, हरनही, पुलिस चौकी को थाना बनाया जा सकता है।

मेट्रोपॉलिटन का दायरा
शहर के सभी थानों के अलावा गुलरिहा, चिलुआताल, खोराबार, गीडा का पूरा इलाका, पीपीगंज, पिपराइच, सहजनवा, बेलीपार और चौरीचौरा थाना क्षेत्र का कुछ हिस्सा मेट्रोपॉलिटन के दायरे में आएगा। इस संबंध में एडीजी जोन अखिल कुमार ने बताया कि प्रस्ताव तैयार हो गया है। उसको गहन अध्ययन किया जा रहा है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।