चैत्र नवरात्र 2021: पंच महायोग में घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा, जानें क्या होगा इसका असर

गोरखपुर: 13 अप्रैल 2021 को सूर्योदय के साथ ही अश्वनी नक्षत्र में चैत्र नवरात्रि प्रारंभ हो जायेगी। इस बार के नवरात्रि 5 योगों से विभूषित हैं और देवी दुर्गा इन शुभ नवरात्रों में घोड़े पर सवार होकर धन वैभव स्वास्थ्य व शीघ्र सफलताओं का वरदान देने आ रही हैं। पंडित विनोद तिवारी ने बताया कि इस बाद कुमार योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, राजयोग, विषकमभ योग से मिलकर पांच योग बना रहे हैं। इस कारण से आने वाले नवरात्रि पंच महायोगों से पूर्ण होंगे। जिसके चलते इस बार नवरात्र का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। शुभ मुहूर्त में की गई कलश स्थापना पंच महायोगों को बनाएगी शुभतम। अन्यथा अशुभ मुहूर्त में घट स्थापना से केवल विषकमभ योग का ही फल मिल पाएगा। इसलिए नवरात्र पूजा प्रारंभ शुभ मुहूर्त में करना श्रेष्ठ होगा।

पंडित विनोद तिवारी ने बताया कि जल ही जीवन है। चाहे हमारा शरीर हो या पृथ्वी, अधिकांश भाग अर्थात दो तिहाई हिस्सा जल से ही निर्मित है। इसलिए हमारा जल प्रधान जीवन हुआ इसलिए जल के देवता जल कलश की स्थापना जीवनी शक्ति को बढ़ाने के लिए सबसे अधिक आवश्यक होती है। पृथ्वी पर जल है तो जीवन है जीवन है तो सभी प्रकार की खुशहाली है इसलिए जल, लक्ष्मी का भी प्रतीक माना जाता है। जल देवता वरुण देव श्री झूलेलाल जयंती पर करें जल कलश स्थापित विशेष मुहूर्त में।

 

ये हैं घटस्थापना के शुभ मुहूर्त…..

घटस्थापना मुहूर्त 13 अप्रैल 2021 मंगलवार

मिथुन लग्न का लाभ मुहूर्त:- प्रातः 9:35 से 11:48 बजे तक

अभिजीत योग का अमृत मुहूर्त:- दोपहर 11:55 से 12:46 बजे तक

देवी पूजन का विशेष मुहूर्त:- दिन में 3:00 बजे से 4:38 बजे तक

रात लाभ मुहूर्त: 7:30 से 9:00 तक

रात्रि शुभ अमृत मुहूर्त: 10:30 से 1:35 बजे तक

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