कुक्कुट पालन से दूर हुई तंगी, जानें !!! कैसे बिजनेस कर आत्मनिर्भर बन रहे लोग?

एसपी सिंह, गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों के जरिए मिसाल पेश की है। यह महिलाओं के सशक्तीकरण और मिशन शक्ति का नायाब उदाहरण है। पिछले चार साल में स्वयं सहायता समूहों ने कई ऐसे कीर्तिमान रचे हैं, जिसे पहले कभी नहीं किया गया था। आज समूह की महिलाएं अपनी तरक्की की नई इबारत लिख रही हैं। गोरखपुर और बस्ती मंडल में ऐसी तमाम महिलाएं हैं जो आज आरएफ (रिवाल्विंग फंड), सीआईएफ (सामुदायिक निवेश निधि) और सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) के जरिए अपना जीवन सुधार रही हैं।

 

निर्मला ने दूर की आर्थिक तंगी, पढ़े कैसे…..

गोरखपुर के सहजनवां ब्लाक के तहत आने वाले ग्राम पचौरी की निर्मला जीवन की तमाम झंझावतों से आजिज आ चुकी थीं। आर्थिक बदहाली ने इनको पूरी तरह से त्रस्त कर दिया था। 12 लोगों का परिवार होने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल था। घर के पुरुषों के पलायन तक की नौबत थी। इस बीच इन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की जानकारी हुई, तो वे विकास भवन स्थित कार्यालय पहुंची। यहां उन्हें सीएम योगी की इस योजना का साथ मिला, तो आज इनका जीवन पूरी तरह से खुशहाल है।

17 सितम्बर 2017 को इन्होंने लकी स्वयं सहायता समूह का गठन कर इसमें कुल 14 महिलाओं को शामिल किया। निर्मला ने कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) से पहला कर्ज 50 हजार लेकर 20 जून 2019 को कुक्कुट पालन की शुरुआत की। आज इस व्यवसाय से जहां खुद की आर्थिक तंगी दूर की, तो वहीं समूह से जुड़ी अन्य महिलाओं के जीवन स्तर में भी सुधार आया।

निर्मला बताती हैं कि कुक्कुट पालन के कारोबार में समूह की महिलाओं के साथ ही उनका पूरा परिवार जुड़ा है। सभी मिलकर इस कार्य को कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं और साल में तीन से चार लाख का लाभ हो रहा है। निर्मला का हौसला बुलंद है। अब वह मछली पालन की योजना भी बना रही हैं। उनकी समूह की महिलाएं कहती हैं कि मुख्यमंत्री योगी सभी के मददगार हैं। अगर वह इस योजना से नहीं जुड़तीं, तो उनके जीवन में अभी भी अंधकार ही रहता।

उपायुक्त स्वतः रोजगार अवधेश का कहना है कि गोरखपुर जिले में 13,299, महराजगंज में 5,778, कुशीनगर में 3,731 और देवरिया में 10,579 स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं। इन समूहों के माध्यम से प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभाग सक्रिय है। जिन्हें भी स्वतः रोजगार से जुड़ना हो वह कभी भी कार्यालय आकर संपर्क कर सकते हैं। विभाग उनकी पूरी मदद करने को तैयार है।