खेतों को आग से बचाना है तो इन बातों का रखना होगा ख्याल…

गोरखपुर: पूरे सीजन की मेहनत के बाद तैयार गेहूं की फसलों को आग और शॉर्ट सर्किट या अन्य घटनाओं से बचाने के लिए किसानों को कुछ आवश्यक कदम संबंधी दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है। जैसे, किसान भाई कम्बाइन हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई और स्ट्रा-रीपर से भूसा बनाते समय थोड़ी सावधानी रख अपने और दूसरों की फसल की रक्षा कर सकते हैं। इसके लिए इस प्रक्रिया में प्रयोग किए जाने वाले कृषि यंत्रों का न केवल समुचित रख-रखाव जरुरी है बल्कि, किसानों से अपेक्षित सावधानी भी आवश्यक है।

उप कृषि निदेशक संजय सिंह ने किसानों से अपील किया कि खेत में फसल अवशेष कदापि न जलाएं। कम्बाइन हार्वेस्टर से कटाई के उपरान्त फसल अवशेष के ऊपर 20 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करके मिट्टी पलटने वाले हल से जुताई कर पानी की सिंचाई कर दे। फसल अवशेष खाद बन मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएगा।

 

कटाई संबंधी यंत्रों का रख-रखाव जरूरी

फसल कटाई के समय प्रयोग होने वाले ट्रैक्टर, कम्बाइन हार्वेस्टर, स्ट्रारीपर, थ्रेशर, इत्यादि का रख-रखाव समुचित तरीके से करें। सुनिश्चित करें कि इन यंत्रों में टूट-फूट न हो, कोई नट-बोल्ट ढीला न हो, किसी प्रकार का ऑयल लीकेज न हो, बैटरी, स्टार्टर और सभी वायर कनेक्शन साफ सुधरे हो। सही ढंग से काम कर रहे हो तथा चलाने पर किसी प्रकार की चिंगारी न निकल रही हो। बैटरी के टर्मिनल विशेष रूप से कसे होने चाहिए अन्यथा चिंगारी निकलने का खतरा अधिक होता है । इन यंत्रों के साइलेन्सर पर स्पार्क अरेस्टर लगाना सुरक्षा की दृष्टि से उपयोगी रहता है।

 

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इसके अलावा, यह भी ध्यान रखे कि खेत में बिजली के खम्भे या ट्रॉन्सफार्मर लगे होने पर इनके आस-पास की फसल कटाई मजदूरों से कराई जाए। खम्भों तथा ट्रॉन्सफार्मर के आस-पास का सुरक्षित क्षेत्र पानी से नम रखा जाय। कम्बाइन हार्वेस्टर से पूरी तरह पकी फसल की ही कटाई कराई जाय। फसल कटाई के समय निकटस्थ ट्यूबवेल-टैंकर से पानी की तुरन्त उपलब्धता की व्यवस्था सुनिश्चित रखें। उन्होंने किसानों से अपील किया कि खेत में धूम्रपान न करें। भोजन भी न पकाएं।

खेत में फसल अवशेष जलाने पर लगेगा  जुर्माना

खेत में फसल अवशेष जलाए जाने पर 02 एकड़ से कम भूमि होने पर 2500 प्रति घटना, 02 एकड़ से अधिक लेकिन 05 एकड़ तक भूमि होने पर 5000 प्रति घटना और 05 एकड़ से अधिक भूमि होने पर 15000 प्रति घटना सम्बन्धित कृषकों पर अर्थदण्ड लगाया जाएगा। फसल अवशेष जलाने की पुनरावृत्ति होने पर सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधाओं यथा अनुदान आदि से वंचित कर किया जाएगा।