Ganesh Chaturthi 2020: कोरोना के ​चलते पंडालों से दूर हुए भगवान, घरों में स्थापित हुईं गणेश प्रतिमाएं

गोरखपुर: शहर में गणेश चतुर्थी का आगाज शनिवार हषोहल्लास के साथ हो गया। वैश्विक महामारी कोविड—19 के चलते भगवान गणेश को भी पंडालों से दूर रहना पड़ा। जिसकी वजह से इस बार गणेश प्रमिमाओं की स्थापना पंडलों की जगह घरों में हुई। बहरहाल देर शाम विधवत पूजन—अर्चन के बाद शहर के विभिन्न घरों में स्थापति गणेश प्रतिमाओं के पट खोले गए और घरों में ही भजन—किर्तन का कार्यक्रम चला। हालांकि कोरोना के चलते इस बार गणशोत्सव को लेकर उत्साह तो नहीं दिखा, लेकिन भक्तों की श्रद्धा कहीं से भी कम नहीं हुई।

घासीकटरा पंडाल की जगह यहां स्थापित हुई प्रतिमा
गौरतलब है कि लगातार 18 वर्षों से शहर के घासीकटरा दुर्गा मंदिर पर स्थापित होने वाली गणेश प्रतिमा और यहां आयोजन होने वाले कार्यक्रम को लेकर पूरे शहर में काफी उत्साह रहता है, लेकिन इस बार कोविड—19 की वजह से आयो​जन समिति की ओर से यह प्रतिमा दुर्गा मंदिर पंडाल पर स्थापित होने की बजाए समिति के महामंत्री पंकज गुप्ता के घासीकटरा चौक स्थित आवास पर स्थापित की गई। हालांकि इस बार गणपति की प्रतिमा भी काफी छोटी रखी गई है। ​

दस दिनों तक घरों में होगा पूजन—अर्चन
महामंत्री पंकज गुप्ता ने बताया कि सिर्फ गोरखपुर ही नहीं बल्कि पूरा देश और विश्व इस वैश्विक महामारी से गुजर रहा है। ऐसे में इस बार शासन के निर्देशों का पालन करते हुए समिति ने तय किया कि पंडाल पर प्रतिमा स्थापित नहीं होगी और न ही किसी तरह का सार्व​जनिक कार्यक्रम ही आयोजित किया जाएगा। लेकिन भगवान गणेश के प्रति समिति और उनके भक्तों की श्रद्धा कहीं से भी कम नहीं है। ऐसे में मेरे घासीकटरा स्थित आवास पर गण​पति की छोटी प्रतिमा स्थापित की गई है। जिसका पूरे दस दिन के गणशोत्सव के दौरान विधवत पूजन अर्चन किया जाएगा।

…तो विसर्जन के साथ ही खत्म हो जाएगा कोरोना
वहीं, महामंत्री पंकज गुप्ता के सुधाकर मोदनवाल ने भी अपने मिर्जापुर स्थित आवास पर गणपति की एक छोटी प्रतिमा स्थापित की है। ताकि एक ही जगह पूजा करने के लिए भीड़ न लगने पाए। सुधाकर मोदनवाल ने बताया कि हर साल की तरह आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम इस बार ​स्थगित कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर इस बार गणपति से यही प्रार्थना करेंगे कि देश के साथ पूरे विश्व से यह महामारी खत्म हो। उन्होंने कहा कि हमे यह पूर्ण विश्वास है कि गणपति की कृपा से इस बार जब वे विसर्जन के दौरान हम सबके बीच से वापस लौटेंगे तो इस महामहारी को भी हम सबसे हमेशा के लिए दूर ले जाएंगे।