राजनीति की पहली पायदान है मटकू एंड संस: यहीं से शुरू हो रही पंचायत चुनाव की राजनीति!

अतुल दूबे, गोरखपुर: पॉलिटिक्स अगर स्कूल है तो कुर्ता-पायजामा उसका ड्रेस कोड. देश में जब तक कोई पॉलीटीशियन कुर्ता-पायजामा न पहने, लोग उसे गंभीरता से नहीं लेते. यंग एज पॉलीटीशियन हो या फिर सीनियर लीडर्स, कुर्ता-पायजामा के बगैर राजनीति अधूरी है. वहीं, अगर चुनावी मौसम है तो कुर्ता-पायजामा की दुनिया रच-बस सी जाती है. ऐसा ही कुछ नजारा 2021 का पंचायत चुनाव शुरू होते ही शहर में दिखने लगा है. इसके लिए बड़े नेताओं के पसंदीदा टेलर्स को तलाश प्रत्याशी भी उनसे उन्हीं के स्टाईल का कुर्ता—पायजामा बनावा रहे हैं. इसके लिए शहर के कुर्ता सम्राट कहे जाने वाले मटकू एंड संस टेलर्स के वहां नेताओं से लेकर युवाओं तक की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई है.

 

 

मोदी से लेकर अखिलेश तक की नकल

 

इसे देखते हुए नेशनल लेवल पर लाइमलाइट में रहने वाले नेताओं का स्टाइल कापी कर यूथ्स भी नए स्टाइल गढ़ रहे हैं. चाहे वो पीएम नरेंद्र मोदी हों या फिर सीएम योगी आदित्यनाथ या फिर सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव जैसे धुरंधर. उनका स्टाइल अपने आप में ही एक ब्रांड बन गया है. वहीं, शहर में एक ऐसी दुकान है जहां नेताओं के स्टाइल में कुर्ता-पायजामा सिलवाने वालों की सिर्फ लाइन ही नहीं लगी होती है, बल्कि अगर देखा जाए तो इस पंचायत चुनाव की राजनीति भी इसी दुकान से शुरू हो रही है. जी हां मटकू एंड संस की दुकान पर पॉलीटिकल लीडर्स की स्टाइल को कापी कर नए क्लेवर में ढाल कर सामने आ रहे हैं. या फिर यूं कहा जा सकता है कि नेताओं से लेकर युवाओं तक के लिए मटकू एंड संस की डिमांड चुनाव शुरू होते ही बढ़ती जा रही है.

 

सबकी पसंद सिर्फ मटकू एंड संस


आलम यह है कि इस दुकान पर महीनों पहले कराई गई कुर्ते की बुकिंग कि अब डिलेवरी अब कराई जा रही है. ऐसे में इन दिनों शहर में मोदी कट और अखिलेश कट की डिजाइन के कपड़े की डिमांड काफी बढ़ गई है. इस सिलाई के लिए लंबे समय से शहर के माहिर टेलर मटकू के दुकान पर नेताओं की भीड़ देखने को मिल रही हैै.

मटकू उर्फ रशीद अहमद कपड़े सीने का काम पिछले 23 वर्षो़ से कर रहें हैं. मटकू एंड संस की शहर मे सबसे पहली दुकान सन् 1945 में घंटाघर में खुली थी. आज शहर में चार जगहों घंटाघर, गीताप्रेस, असुरन और गोलघर और मंगलम टॉवर में उनकी न सिर्फ शॉप है, बल्कि अब उनका विशेष कपड़ों का शोरूम भी है. इन्होंने अपने वालिद रहमतूल्लाह से करीगरी सिखी है. मटकू की कारीगरी का लोहा चाहे वो मंत्री हो या विधायक हर कोई मानता है .

 

सिने स्टार भी पहनते थे मटकू का कुर्ता

 

मटकू एंड संस के सीले कुर्तो के शौकीनों की लिस्ट काफी लंबी है. वालिद रहमतूल्लाह के सीले हुए कपड़े पुरानी फिल्मों के कामेडियन आशिष सेन सहित अन्य कलाकार को भातें थे. वहीं प्रदेश के पूर्व सीएम स्व. वीरबहादुर सिंह समेत और भी बड़े नेता जो दिल्ली में बैठा करतें थे, उनकी भी पहली पसंद रहमतूल्लाह थे.

 

केंद्रीय मंत्री से लेकर पूर्व सीएम तक की पसंद

वहीं आज भी पूर्वांचल से लेकर लखनऊ तक की राजनीति क पुरोधा यहीं से अपने लिए कुर्ता-पायजामा सिलाते हैं. इनमें बाहुबली रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से लेकर डॉ पीके राय, पप्पू जायसवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवप्रताप शुक्ला, पूर्व विधायक विजय बहादुर सिंह, पूर्व मंत्री राजेश त्रिपाठी, पूर्व सांसद कुशल तिवारी, डॉ. राम पतिराम त्रिपाठी, पूर्व विधान परिषद के सभापति गणेश शंकर पांडेय, पूर्व सांसद स्व. राजनरायण पासी, भालचंद यादव, विधायक विमलेश पासवान, सांसद कमलेश पासवान से लेकर तमाम मंत्री, सांसद विधायक आज भी मटूक एंड संस का ही सिला कुर्ता पहनते हैं.

 

मटकू के कपड़ों की अलग है पहचान

ऐसे तो कुर्ता सिलने वाले बहुत से टेलर्स हैं. लेकिन मटकू एंड संस के सिले कुर्तों की एक अलग ही पहचान है. इनके कुर्तों की सबसे बड़ी खास बात यह है कि यहां के सीले कुर्तों चाहे किसी के बदन पर हों, लेकिन कुर्तों के शौकीन उसे आसनी से पहचान लेंगे. क्योंकि इसकी कारीगरी शायद मटकू एंड संस के अलावा और कोई नहीं कर सकता. हालांकि कोशिश तो बहुत के कारीगरों ने की, लेकिन कुर्तों के कंधों पर बनी जाली से लेकर हाथ की सिलाई और फिटिंग कोई नहीं दे सका. आलम यह है कि मटकू एंड संस का कुर्ता सिर्फ एक बेहतर कारीगरी ही नहीं, बल्कि एक ब्रांड बन चुका है.

 

अब एक ही छत के नीचे सब कुछ मौजूद

 

ऐसे तो मटकू एंड संस खुद में किसी नाम का मोहताज नहीं है. कुर्ता—पायजामे का जिक्र शुरू होते ही हर किसी की जुबान पर सबसे पहला नाम अगर कोई आता है तो वह है मटकू एंड संस. लेकिन कई बार अच्छी कारीगरी होने के बावजूद कपड़ों की क्वालिटी खराब होने से कारीगर की मेहनत पर पानी फिर जाता है और ग्राहक भी खुद में ठगा सा महसूस करता है. इसे देखते हुए अब मटकू एंड संस का शोरूम गोलघर स्थित मंगलम टॉवर में मटकू क्लब के नाम से चल रहा है. जहां कुर्ता—पायजामा के कपड़ों के साथ ही पैंट—शर्ट, शूट आदि के भी कपड़ों की रेंज मौजूद है. इतना ही नहीं, इस शोरूम में रेडिमेड शूट, शेरवानी, सबकुछ मिल रहा है.

वहीं, इस शोरूम से कपड़े खरीद वहीं पर तत्काल मटकू के हाथों सिलाई के साथ ही लॉन्ड्री की भी व्यवस्था फर्म की ओर से की गई है. ताकि ग्राहकों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिल सके.

 

 

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