कोरोना के साथ ऑक्सीजन संकट को भी मात: गोरखपुर में डिमांड से दुगने सिलेंडर का हो रहा उत्पादन, नए प्लांट जल्द

गोरखपुर: कोरोना संकट के बीच ऑक्सीजन की किल्लत जूझ रहे यूपी के गोरखपुर के लोगों को बड़ी राहत मिल गई है। क्योंकि, गोरखपुर ऑक्सीजन उत्पादन के मामले में अब आतनिर्भरता से भी आगे बढ़ चुका है।

पिछले एक सप्ताह से यहां ऑक्सीजन की उपलब्धता मांग के सापेक्ष दोगुनी बनी हुई है। सोमवार को जिले में ऑक्सीजन की डिमांड 2500 डी टाइप सिलेंडर (जम्बो सिलेंडर) की रही। जबकि उत्पादन या उपलब्धता 5500 जम्बो सिलेंडर की।

ऐसे में आने वाले दिनों में जिले में कई कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लग जाएंगे तो गोरखपुर के उत्पादन से पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की किल्लत दूर करने के लिए गोरखपुर जिला अकेला काफी रहेगा।

 

गोरखपुर हर रोज हो रहा 8000 सिलिंडर का उत्पादन

दरअसल, कोरोना के सेकंड वेब में संक्रमण की गंभीरता से सर्वाधिक मांग अस्पतालों में भर्ती और होम आइसोलेशन के मरीजों में ऑक्सीजन की रही। अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह में गोरखपुर में प्रतिदिन दो हजार सिलेंडर ऑक्सीजन की उपलब्धता हो पा ही रही थी। तब गीडा की दो फैक्ट्रियों मोदी केमिकल्स और आरके ऑक्सीजन में ही उत्पादन हो पा रहा था। लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रशासन ने गीडा में बंद पड़ी एक फैक्ट्री अन्नपूर्णा एयर गैसेज को कड़ी मशक्कत के बाद चालू करा दिया है।

वहीं, वर्तमान में मोदी केमिकल्स के दो और आरके ऑक्सीजन व अन्नपूर्णा एयर गैसेज के एक-एक प्लांट (तीन फैक्ट्रियों में चार प्लांट) में कुल उत्पादन की क्षमता अप्रैल माह से चार गुना बढ़कर प्रतिदिन 8000 सिलेंडर हो गया है।

डिमांड 2500, उत्पादन 5500 सिलिंडर

कोविड नियंत्रण कार्य मे ऑक्सीजन प्रभारी की भूमिका निभा रहे डॉ. मुस्तफा खान बताते हैं कि जिले में करीब एक सप्ताह से ऑक्सीजन का उत्पादन मांग से दोगुना है। औसतन दो हजार से 2500 जम्बो सिलेंडर के आसपास की डिमांड बनी हुई है। जबकि, उत्पादन औसतन 5500 जम्बो सिलेंडर का है।

 

कोविड अस्पताल में लगेगा एलएमओ प्लांट

इसके अलावा गुरु गोरक्षनाथ विश्वविद्यालय परिसर के आयुर्वेदिक कॉलेज में 200 बेड का डेडिकेटेड कोविड अस्पताल 26 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों शुरू होना प्रस्तावित है। अभी ऑक्सीजन सिलेंडर के जरिये वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।

लेकिन, अगले 15 दिन में यहां लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट तैयार कर लिया जाएगा। वहीं, बड़हलगंज के राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के 100 बेडेड कोविड अस्पताल के लिए भी ऑक्सीजन प्लांट का कार्य चल रहा है। गोरखपुर में 15 जून तक एक दर्जन से अधिक स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने को लेकर जमीनी स्तर पर कार्य जारी है।