गुड फ्राइडे आज: जानिए क्यों नहीं दी जाती गुड फ्राइडे की बधाई, दिया तो हो जाएगा हंगामा

लखनऊ: पूरे यूपी में आज 2 अप्रैल को ईसाई धर्म गुड फ्राइडे (Good Friday 2021) मना रहा है। गुड फ्राइडे को ‘होली फ्राइडे’ या ‘ग्रेट फ्राइडे’ के नाम से भी पुकारा जाता है। इस दिन लोग एक दूसरे को बधाई या शुभकामनाएं नहीं देते, बल्कि शोक मनाते हैं। एक तरह से यह शोक मनाने का त्योहार है। वजह यह है कि, इस दिन ईसा मसीह को सूली पर लटकाया गया था। शनिवार को साइलेंट डे होता है। फिर रविवार को यीशु जीवित होकर आते हैं। इसे ईस्टर संडे के रुप में मनाया जाता है। इसके बाद सभी खुशियां नहीं मनाते हैं।

हर साल अलग अलग तारीख पर गुड फ्राइडे!!

हर साल गुड फ्राइडे पर्व की तारीख अलग-अलग बदलती रहती है। गुड फ्राइडे एक दिन पहले गुरुवार से शुरू हो जाती है। माना जाता है कि इस दिन ईसा मसीह ने अपने 12 शिष्यों के पैर धोए और उनके साथ अंतिम बार भोजन किया था। इसी की याद में चर्च के फादर 12 लोगों के पैर धोते है। इस दिन लोग उपवास रखते है।

रविवार को खुशियों का उत्सव..

लखनऊ में कैटलॉग कैथोलिक डायसिस के प्रवक्ता फादर डोनाल्ड डिसूजा ने बताया कि, प्रभु यीशु को सलीब पर चढ़ाए जाने वाले दिन को ईसाई समुदाय अपनी मुक्ति का दिन मानते हैं। यह उनके बलिदान को याद करने का दिन है। शुक्रवार शाम 4:30 बजे उनकी वचनों को याद किया जाएगा। अगले दिन शनिवार को पाम का जागरण होगा यानी पुनरुत्थान का दिन मनाते हैं। अगले दिन रविवार को खुशियों का उत्सव मनाया जाता है।

शनिवार को साइलेंट डे व रविवार को ईस्टर मनेगा

एबीसी चर्च के प्रवक्ता पास्टर डॉक्टर मनीष कुमार ने बताया कि, बृहस्पतिवार शाम पैर धोने की परंपरा का निर्वहन करने के साथ ही आयोजन शुरू हो जाते हैं। इसमें फादर सेवादारों के पैर धोते हैं। शुक्रवार को दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक आराधना होगी। मान्यता है कि इसी समयावधि में यीशु को सूली पर चढ़ाया गया था। उन्होंने सात वचन कहे थे। इस पर प्रवचन होगा। उनके बलिदान को याद किया जाएगा। अगला दिन शनिवार साइलेंट डे रहेगा, रविवार को उनके फिर से अवतरित होने का दिन होगा। और इसी खुशी में ईस्टर मनाया जाता है।

कोरोना संक्रमण से अलर्ट!!!

मनीष कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए मसीही समुदाय इस बार कोई जुलूस नहीं निकालेगा और चर्च में भी सीमित संख्या में आने की अनुमति है। एक परिवार से एक या दो ही लोग आ सकेंगे।