गोरखपुर में खाता भी नहीं खोल सकी कांग्रेस, पंचायत चुनाव में सूपड़ा साफ

गोरखपुर: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद और बीजेपी के गढ़ कहे जाने वाले गोरखपुर में बेहतर समाजवादी पार्टी ने प्रदर्शन करते हुए जहां बीजेपी को बराबर की टक्कर दी, वहीं कांग्रेस पार्टी का एक तरह से सूपड़ा साफ हो गया और वे इस चुनाव में यहां अपना खाता तक नहीं खोल सकी।

पार्टी की ओर से समर्थित जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशियों में से एक भी प्रत्याशी के सिर पर जीत का ताज नहीं सज सका। नामांकन के मात्र एक दिन पहले समर्थित प्रत्याशियों की सूची जारी कर पार्टी की ओर से दावा किया गया था कि अधिक से अधिक जिला पंचायत सदस्य कांग्रेस पार्टी के ही जीतेंगे। इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष भी कांग्रेस पार्टी का ही होगा। लेकिन, पार्टी की प्रत्येक कवायद के बावजूद आंकड़ा शून्य के आगे नहीं बढ़ सका।

गोरखपुर जिले के कुल 68 जिला पंचायत सदस्य पदों की तुलना में कांग्रेस पार्टी ने समर्थित 50 प्रत्याशियों की सूची जारी की थी, लेकिन पार्टी की जारी सूची के बावजूद तीन लोगों ने पार्टी से किनारा कर लिया। ऐसे में केवल 47 प्रत्याशियों ने कांग्रेस पार्टी का झंडा थामे रखा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को पुरजोर ढंग से लड़ने के दावे के साथ पार्टी ने खूब तैयारी भी की।

 

प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने विभिन्न स्थानों पर जनसभा भी की। वहीं कई दशक बाद पार्टी की ओर से चुनाव के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को टेलीफोन के जरिए संदेश देकर हौसलाअफजाई भी की थी। लेकिन, चुनाव परिणाम का आंकड़ों ने पार्टी के हरेक दावों को धूलधूसरित कर दिया।

कुल 47 प्रत्याशियों में से चार ही ऐसे प्रत्याशी रहे, जिन्होंने दूसरे स्थान पर रहते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी को कांटे की टक्कर दी। अन्यथा अन्य सभी स्थानों पर कांग्रेस पार्टी के समर्थित प्रत्याशी तीसरे से आठवें स्थान पर रहे। वार्ड संख्या 18 से पूनम यादव, वार्ड संख्या 20 से गजराज साहनी, वार्ड संख्या 31 से अमन कुमार और वार्ड संख्या 40 से रेहाना बेगम ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को कांटे की टक्कर देते हुए दूसरे स्थान पर रहीं।

 

कांग्रेस जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान ने कहा कि भले ही पार्टी के एक भी प्रत्याशी ने जिला पंचायत सदस्य के तौर पर जीत हासिल नहीं की, लेकिन यह खुुुशी की बात है कि कई स्थानों पर हम दूसरे स्थान पर रहते हुए प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दे सके। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बहुत मेहनत की। पार्टी का प्रत्याशी विजयी नहीं हुआ ये कष्ट है।

लेकिन, पार्टी ने पंचायत चुनाव में अपने मत प्रतिशत को काफी बढ़ाया है, जो पार्टी कार्यकर्ताओं में ऊर्जा देगी। पार्टी का हर प्रत्याशी मजबूती से लड़ा और सम्मानजनक मत हासिल किया।