CM Yogi ने बढ़ाई विधायकों की निधि, लेकिन खर्च करने में फिसड्डी साबित हो रहे गोरखपुर के ये विधायक

गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath)ने जहां एक ओर विधायकों को विकास कार्यों के लिए सालाना मिलने वाली दो करोड़ की निधि को बढ़ाकर तीन करोड़ करने का निर्णय लिया है। वहीं, गोरखपुर जिले के आधे विधायक निधि खर्च में सुस्त हैं। शनिवार को जब इन विधायकों की निधि की पड़ताल की तो यह तस्वीर सामने आई। अपनी निधि खर्च करने में ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह सबसे आगे रहे तो कैम्पियरगंज विधायक फतेह बहादुर सबसे फिसड्डी।

निधि खर्च करने में ये 4 विधायक हैं अव्व्ल

विपिन सिंह, ग्रामीण विधायक
ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक विपिन सिंह को तीन वर्ष में 5.50 करोड़ रुपये मिले। उन्होंने 117 परियोजनाओं में 548.56 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। उनके पास सिर्फ 1,44,000 रुपये की धनराशि शेष बची है। उन्होंने 10 विद्यालयों के भवन निर्माण, 69 सड़क एवं नाली के प्रोजेक्ट के अलावा सोलर स्ट्रीट लाइट, ट्राईसाइकिल एवं विद्युतीकरण के मद में धनराशि का इस्तेमाल किया।

डॉ. आरएमडी अग्रवाल, नगर विधायक
गोरखपुर शहर विधान सभा क्षेत्र से विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल भी अपनी निधि खर्च करने में तत्पर रहे। उन्होंने 58 प्रोजेक्ट पर तीन साल में मिले 5.50 करोड़ में 5.38 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। हालांकि उनके पास 11.6 लाख रुपये की धनराशि अब भी शेष है। उन्होंने अपनी सभी निधि सड़कों के निर्माण एवं जलभराव की समस्या के निदान को नाली निर्माण पर खर्च किए।

विनय शंकर तिवारी, चिल्लूपार
चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र से बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी भी जिले के विधायकों में निधि खर्च करने में गंभीर दिखे। 5.50 करोड़ में 5.18 करोड़ उन्होंने खर्च कर दिए हैं। 32 लाख रुपये की रकम अभी शेष बची है। विनय ने 16 विद्यालय भवन, 67 सड़क एवं नाली निर्माण, एक वादकारी भवन, अण्डरग्राउंड पाइप सीवर, सोलर लाइट और चिकित्सा के मद में खर्च किए।

संगीता यादव, चौरीचौरा विधायक
चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक संगीता यादव ने निधि के रूप में तीन साल में मिले 5.50 करोड़ रुपये में 90 परियोजनाओं में 4.71 लाख रुपये खर्च किए। उन्होने 38 सड़क एवं नाली निर्माण के प्रोजेक्ट, लड़कियों के लिए कॉमन रूम, एक विद्यालय भवन की मरम्मत शेष धनराशि ट्राईसाकिल एवं हाईमास्ट लाइट लगाने पर खर्च किए। उनकी 79.29 लाख रुपये की धनराशि शेष है।

ये विधायक रहे फिसड्डी

शीतल पाण्डेय, सहजनवा विधायक
सहजनवा विधायक शीतल पांडेय को 5.50 करोड़ मिले जिनमें उन्होंने 72 परियोजनाओं में 4.42 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाए। शीतल पांडेय ने 29 विद्यालय भवन, 40 सड़क एवं नाली निर्माण पर सबसे ज्यादा धनराशि खर्च की। इसके अलावा उन्होंने व्यायामशाला में उपकरण, ट्राईसाइकिल एवं अन्य कार्यों पर धनराशि खर्च की। 1.08 करोड़ रुपये की धनराशि शीतल खर्च ही नहीं कर पाए।

संत प्रसाद, खजनी विधायक
खजनी विधानसभा क्षेत्र से विधायक संत प्रसाद ने अपने विधानसभा क्षेत्र में निधि से 89 कार्य कराएं। उन्होंने 55 विद्यालय भवन, 25 सड़क एवं नाली निर्माण, एक बारातघर, ट्राईसाइकिल समेत अन्य कार्यों में अपनी निधि खर्च की। तीन साल में 5.50 करोड़ में संत प्रसाद ने 3.87 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। खजनी विधायक के पास अब भी खर्च करने को 1.63 करोड़ रुपये बचे हुए हैं।

डॉ. विमलेश पासवान, बांसगांव विधायक
बांसगांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. विमलेश पासवान को तीन साल में 5.50 करोड़ की निधि मिली, जिनमें 63 विकास कार्यों पर उन्होंने 3.84 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। 21 विद्यालय भवन निर्माण, 41 सड़क एवं नाली निर्माण एवं अन्य कार्यों में उन्होंने निधि खर्च की। मौजूदा वित्तीय वर्ष खत्म होने को लेकिन उनके पास अब भी 1.66 करोड़ रुपये की धनराशि बची हुई है।

महेंद्र पाल सिंह, पिपराइच विधायक
पिपराइच विस क्षेत्र से विधायक महेंद्र पाल सिंह को 3 साल में 5.50 करोड़ मिले जिसमें उन्होंने 74 कार्यों पर 3.57 करोड़ रुपये खर्च किए। महेंद्र पाल सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र में 3 विद्यालय भवन, 56 सड़क एवं नाली निर्माण, 2 वाचनालय, 2 पोखरे में सीढ़ी निर्माण, ट्राईसाइकिल, विद्युतीकरण, हाईमास्ट लाइट समेत अन्य कार्यो पर खर्च किए। उनके पास 1.92 करोड़ बचे हैं।

फतेह बहादुर सिंह, कैम्पियरगंज विधायक
पूर्व मंत्री एवं कैम्पियरगंज से विधायक फतेह बहादुर सिंह अपनी निधि खर्च करने में जिले में सबसे कंजूस साबित हुए। 5.50 करोड़ में उन्होंने सिर्फ 44 परियोजनाओं पर 2.35 करोड़ रुपये ही खर्च किए। यह रकम उन्होंने 4 विद्यालय भवन, 35 सड़क एवं नाली निर्माण, एक बारात घर एवं शेष कार्यों में खर्च किए। वित्त वर्ष खत्म होने वाला है लेकिन उनके पास 3.15 करोड़ रुपये बचे हुए हैं।