गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज: ब्लैक फंगस का इलाज तो दूर, जांच भी हो रही भगवान भरोसे, खड़ी हुई ये दिक्कत…..

गोरखपुर: कोरोना से मौत को मात देकर आने वाले आए मरीजों को अब ब्‍लैक फंगस का खतरा सता रहा है। जिले में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या तो लगातार बढ़ती जा रही हैं।

ऐसे में इस फंगल की चपेट में आने का सबसे अधिक खतरा कोरोना मरीजों के साथ ब्लैक फंगल की जांच करने वाले माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के कर्मचारियों को है।

दरअसल, लगातार बढ़ते मामले को देखते हुए यहां बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलाजी डिपार्टमेंट में कम संसाधन के बीच ब्लैक फंगस की जांच तो शुरू कर दी है. लेकिन विभाग में बायोसेफ्टी और आटोक्‍लेव उपकरण न होने की वजह से जांच करने वाले कर्मियों पर दिन—रात इस बीमारी का खतरा मंडरा रहा है।

 

हालांकि कम संसाधन के बीच जांच कर रहे हैं स्वास्थ कर्मियों की समस्या को देखते हुए मेडिकल कालेज प्रशासन ने उपकरणों और जांच में इस्‍तेमाल की जाने वाले केमिकल के लिए शासन को डिमांड भेज दी है। उम्‍मीद है कि जल्‍द ही उपकरण आ जाएंगे। लेकिन फिलहाल जांच के दौरान सेंपल को नष्ट करना और सभी उपकरणों को पूरी तरह स्ट्ररलाइज करना फिलहाल यहां संभव नहीं है।

 

वहीं, दूसरी तरफ ब्‍लैक फंगस के खतरे को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपनी तरफ से तैयारियां शुरू कर दी है। उधर माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट में जांच भी शुरू कर दी गई है। लेकिन डिपार्टमेंट में वायरस को बाहर करने के उपकरण बायोसेफ़टी और आटोक्‍लेव उपकरण की कमी के चलते हेल्‍थ कर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इन उपकरणों के लिए शासन को पत्र भेजा है। लेकिन अभी तक उपकरण नहीं भेज जा सके हैं।

वहीं, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में केमिकल न होने की वजह से जांचें भी प्रभावित हो रही है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि उपकरण और केमिकल के लिए एचओडी ने डिमांड बनाकर भेजा था। शासन को डिमांड भेज दी गई है। उम्‍मीद है कि दो से तीन दिन के अंदर उपकरण और केमिकल आ जाएंगे।