ब्लैक फंगस में बड़ी सफलता: बीआरडी में ऑपरेशन के बाद लौटने लगी दोनों मरीजों के आंखों की रोशनी

गोरखपुर: बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को ब्लैक फंगस के इलाज में बड़ी सफलता मिली है। मेडिकल कॉलेज में भर्ती दो मरीजों के आंखों की रोशनी लौटने लगी है। उन्हें हल्का-हल्का दिखने लगा है। दोनों मरीजों का बुधवार को ऑपरेशन हुआ था। इस दौरान सिर्फ फंगस को ही डॉक्टरों ने निकाला था। मरीजों की आंखों को बचाने में डॉक्टर सफल रहे।
महाराजगंज के 62 वर्षीय होम्योपैथिक चिकित्सक मेडिकल कॉलेज के पोस्ट कोविड वार्ड में 21 मई को भर्ती हुए थे। वह डायबिटिक है।

नाक से हुई थी संक्रमण की शुरूआत

संक्रमण की शुरूआत उनके नाक से हुई थी। वह बायें आंख तक पहुंच गई। इसी तरह से महाराजगंज के सिसवा की रहने वाली 55 वर्षीय महिला का भी डॉक्टरों ने छोटे चीरे के जरिए ऑपरेशन किया था। महिला का एक चक्र ऑपरेशन महाराजगंज के निजी अस्पताल में हो चुका था। बीआरडी में डॉक्टरों ने होम्योपैथिक डॉक्टर व महिला की आंखों की धमनियों से फंगस को निकाला। डॉक्टरों ने आंखें नहीं निकाली। आंख के पिछले हिस्से में एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन और एंटीफंगल दवाएं लगाई।

दोनों मरीजों में लौटी है रोशनी

ब्लैक फंगस के असर के कारण दोनों मरीजों की आंखें सूज गई थी। उनकी बाई आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई थी। उस आंख से कुछ नहीं दिख रहा था। ऑपरेशन के बाद दोनों मरीजों की स्थिति काफी बेहतर हुई है। गुरुवार को दोनों मरीजों ने बताया कि उनकी आंखों की रोशनी थोड़ी-थोड़ी लौटने लगी है। सूजन कम हुई है। आंखों से दिखना शुरू हो गया है। हालांकि अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं। हल्का धुंधला दिख रहा है। पोस्ट कोविड वार्ड के नोडल अधिकारी डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि दोनों मरीजों की हालत में काफी सुधार हो गया है। यह अच्छा संकेत है। दोनों मरीजों में ऑपरेशन के बावजूद आंखों को बचा लिया गया। अब कुछ रोशनी लौटने लगी है। जल्द ही कुछ और मरीजों का ऑपरेशन होगा।